Monday, 19 November 2018

भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश

भारत के राज्य और केंद्र शासित प्रदेश
*भारत के राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश राजधानियों सहित .
राज्यों का एक संघ भारत, संसदीय प्रणाली वाला एक संप्रभु समाजवादी धर्मनिरपेक्ष लोकतांत्रिक गणतंत्र है। भारत के संविधान को संविधान सभा ने 26 नवंबर 1949 को अपनाया था और यह 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ था। भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश शामिल हैं।

भारतीय राज्यों की सीमाओं को भाषाई आधार के साथ पुनर्गठित करने में राज्य पुनर्गठन अधिनियम ने अहम भूमिका निभाई। साथ ही इसने भारतीय संविधान में संशोधन किया जिससे तीन प्रकार के राज्य ए, बी, और सी राज्यों को एक ही प्रकार में संशोधित किया गया। हालांकि 1947 के बाद से राज्यों की सीमाओं में कई अतिरिक्त बदलाव हुए पर इस अधिनियम को भारतीय राज्यों का वर्तमान आकार और आकृति देने के लिए निर्विवाद खिलाड़ी माना जाता है। नवंबर 2000 में भारत में तीन नए राज्य बने - मध्य प्रदेश से छत्तीसगढ़ बना, उत्तरप्रदेश से उत्तरांचल और बिहार से झारखंड बना।

संविधान ने संसद और राज्य विधानसभाओं को विधायी शक्तियां बांटी हैं। संसद दो सदनों वाली है - निचले सदन को लोकसभा और उपरी सदन को राज्यसभा कहते हैं। राज्य स्तर पर कुछ विधानसभाएं दो सदनों वाली होती हैं और राष्ट्रीय संसद की तर्ज पर काम करती हैं। 

इस धरती को सभी मामलों में आशीर्वाद प्राप्त है चाहे टोपोग्राफी हो, प्राकृतिक सुंदरता, आबादी, धर्म, संस्कृति या भाषा। भारत में 29 राज्य और 7 केंद्र शासित प्रदेश हैं। सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अपने आप में अनूठे हैं। अपने असाधारण इतिहास और संस्कृति के साथ भारत के यह सभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश सैलानियों को अपने रहस्यों और करिश्मों से आकर्षित करने में असफल नहीं होते। 

भारत के राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेश और उनकी भाषाएँ तथा राजधानियाँ


राज्यराजधानीक्षेत्रफलजनसंख्या भाषाएँसबसे बड़े शहरजिलेघनत्वसाक्षरता दर शहरी आबादी %1000 पुरुषों पर महिलायेंस्थापना का साल
आंध्र प्रदेशहैदराबाद
अमरावती
160,205 वर्ग किमी4,93,78,776तेलुगुविशाखापट्टनमविजयवाडा, गुंटूर13 67.66*33.49*992*1956
अरुणाचल प्रदेशईटानगर83,743 वर्ग किमी1,382,611अंग्रेजीईटानगर1717 प्रति वर्ग किमी66.9522.679201987
असम दिसपुर78,438 वर्ग किमी31,169,272असमियागुवाहाटी, सिलचर, डिब्रूगढ़, नगांव27397 प्रति वर्ग किमी73.1814.089541975
बिहारपटना94,163 वर्ग किमी103,804,637हिन्दीपटना, गया, भागलपुर, मुजफ्फरपुर, बिहारशरीफ381,102 प्रति वर्ग किमी63.8211.39161935
छत्तीसगढ़रायपुर135,191 वर्ग किमी25,540,196छत्तीसगढ़ीरायपुर, भिलाई नगर, कोरबा, बिलासपुर, दुर्ग27189 प्रति वर्ग किमी71.0423.249912000
गोवापणजी3,702 वर्ग किमी1,457,723कोंकणीपणजी2394 प्रति वर्ग किमी87.462.179681961
गुजरातगाँधीनगर196,024 वर्ग किमी60,383,628गुजरातीअहमदाबाद, सूरत, वडोदरा, राजकोट, भावनगर33308 प्रति वर्ग किमी79.3142.589181960
हरियाणाचण्डीगढ़44,212 वर्ग किमी25,353,081हरयाणवीफरीदाबादगुडगाँवरोहतक, हिसार, पानीपत21573 प्रति वर्ग किमी76.6424.258771966
हिमाचल प्रदेशशिमला55,673 वर्ग किमी6,856,509हिन्दीशिमला12123 प्रति वर्ग किमी83.7810.049741971
जम्मू और कश्मीरश्रीनगर (ग्रीष्म) जम्मू (शीत)222,236 वर्ग किमी12,548,926उर्दूश्रीनगर, जम्मू, अनंतनाग2256 प्रति वर्ग किमी68.7427.218831948
झारखंडराँची79,714 वर्ग किमी32,966,238हिन्दीधनबाद, रांची, जमशेदपुर, बोकारो स्टील24414 प्रति वर्ग किमी67.6324.059472000
कर्नाटकबंगलौर191,791 वर्ग किमी61,130,704कन्नड़बंगलोर, हुबली और धारवाड़, मैसूर, गुलबर्गा, बेलगाम30319 प्रति वर्ग किमी75.638.579681956
केरलतिरुवनन्तपुरम38,863 वर्ग किमी33,387,677मलयालमतिरुवनंतपुरम, कोच्चि, कोझीकोड, कोल्लम, त्रिशूर14859 प्रति वर्ग किमी93.9147.7210841956
मध्य प्रदेशभोपाल308,245 वर्ग किमी72,597,565हिन्दीइंदोर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जेन50236 प्रति वर्ग किमी70.6327.639301956
महाराष्ट्रमुम्बई307,713 वर्ग किमी112,372,972मराठीमुंबई, पुणे, नागपुर, ठाणे, पिंपरी और चिंचवाड़35365 प्रति वर्ग किमी82.9145.239461960
मणिपुर इम्फाल22,327 वर्ग किमी2,721,756मणिपुरीइंफाल9122 प्रति वर्ग किमी79.8520.219871947
मेघालयशिलांग22,429 वर्ग किमी2,964,007अंग्रेजीशिलांग11132 प्रति वर्ग किमी75.4820.089861970
मिजोरमआइज़ोल21,081 वर्ग किमी1,091,014मिजोआइजोल852 प्रति वर्ग किमी91.5851.519751972
नागालैंडकोहिमा16,579 वर्ग किमी1,980,602अंग्रेजीदीमापुर11119 प्रति वर्ग किमी80.1128.979311963
उड़ीसाभुवनेश्वर155,707 वर्ग किमी41,947,358ओरियाभुवनेश्वर, कटक, ब्रह्मपुर कस्बा, राउरकेला, पुरी कस्बा30269 प्रति वर्ग किमी73.4516.689781948
पंजाबचण्डीगढ़50,362 वर्ग किमी27,704,236पंजाबीलुधियानाअमृतसर, जालंधर, पटियाला, बठिंडा22550 प्रति वर्ग किमी76.6837.498931966
राजस्थानजयपुर342,239 वर्ग किमी68,621,012हिन्दीजयपुर, जोधपुरकोटाबीकानेरअजमेर33201 प्रति वर्ग किमी67.0624.899261948
सिक्किमगान्तोक7,096 वर्ग किमी607,688नेपालीगंगटोक486 प्रति वर्ग किमी82.224.978891975
तमिलनाडुचेन्नई130,058 वर्ग किमी72,138,958तमिलचेन्नई, कोयम्बटूरमदुरईतिरुचिरापल्लीसलेम32555 प्रति वर्ग किमी80.3348.459951969
तेलंगानाहैदराबाद114,840 वर्ग किमी3,52,86,757तमिलहेदराबाद, वारंगल10310 प्रति वर्ग किमी67.22  2014
त्रिपुराअगरतला10,486 वर्ग किमी3,671,032बंगालीअगरतला8350 प्रति वर्ग किमी87.7526.189611956
उत्तर प्रदेश लखनऊ240,928 वर्ग किमी199,581,477हिन्दीलखनऊ, कानपुरगाजियाबाद, आगरा, मेरठ75828 प्रति वर्ग किमी69.7222.289081937
उत्तराखंडदेहरादून53,483 वर्ग किमी10,116,752हिन्दीदेहरादून, हरिद्वार, हल्द्वानी व काठगोदाम, रुद्रपुर13189 प्रति वर्ग किमी79.6330.559632000
पश्चिम बंगालकोलकाता88,752 वर्ग किमी91,347,736बंगालीकोलकाता, हावड़ा, दुर्गापुर, आसनसोल, सिलीगुड़ी191,029 प्रति वर्ग किमी77.0831.899471947
केन्द्र शासित प्रदेशराजधानीक्षेत्रफलजनसंख्या भाषाएँसबसे बड़े शहरजिलेघनत्वसाक्षरता दर शहरी आबादी %1000 पुरुषों पर महिलायेंस्थापना का साल
अंडमान और निकोबारपोर्ट ब्लेयर8,249 वर्ग किमी379,944अंग्रेजीपोर्ट ब्लेयर346 प्रति वर्ग किमी86.2735.678781956
चंडीगढ़चण्डीगढ़114 वर्ग किमी1,054,686पंजाबीचंडीगढ19,252 प्रति वर्ग किमी86.4397.258181966
दादरा और नागर हवेली सिलवास491 वर्ग किमी342,853अंग्रेजीसिलवासा1698 प्रति वर्ग किमी77.6546.627751944
दमन और दीव दमन112 वर्ग किमी242,911कोंकणी, मराठी व गुजरातीदमन22,169 प्रति वर्ग किमी87.0775.166181987
दिल्लीनई दिल्ली11,297 वर्ग किमी16,753,235हिन्दी, पंजाबी व उर्दूदिल्ली911,297 प्रति वर्ग किमी86.3497.58661952
लक्षद्वीपकवरत्ती32 वर्ग किमी64,429अंग्रेजीकावारत्ती12,013 प्रति वर्ग किमी92.2878.08946 
पुडुचेरीपॉन्डिचेरी479 वर्ग किमी1,244,464तमिल, अंग्रेजीकराईकल, पुडुचेरी42598 प्रति वर्ग किमी86.5568.3110381954

अंडमान और निकोबार द्वीप समूह
‘एम्राल्ड आइल्स’ के तौर पर लोकप्रिय और बंगाल की खाड़ी में स्थित अंडमान और निकोबार द्वीप समूह भारत का एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है। इस केंद्र शासित प्रदेश में कई आदिवासी जनजातियां हैं और दो विशेष संस्कृतियां हैं - अंडमान और निगरिटो। यहां के लोग मैत्रीपूर्ण और खुशनुमा होते हैं और अंडमान और निकोबार के लोगों में जो त्यौहार मनाए जाते हैं उनमें पंगुनी, उथिरम, पोंगल, शिवरात्रि, जन्माष्टमी आदि हैं। इस केंद्र शासित प्रदेश के लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में राष्ट्रीय स्मारक, मरीन संग्रहालय, नौसेना समुद्री संग्रहालय, स्मृथिका संग्रहालय, हड्डो ज़ूलाॅजिकल गार्डन शामिल हंै।
आंध्र प्रदेश
आंध्र प्रदेश भारत के दक्षिण क्षेत्र में स्थित राज्य है और यह अपनी अलग संस्कृति और कला के लिए जाना जाता है। राज्य में ज्यादातर आबादी तेलगु बोलती है। राज्य में मनाए जाने वाले खास त्यौहारों में दशहरा, दीपावली, श्री रामनवमीं, विनायक संक्राति और चविथि हैं। इस राज्य में जरुर देखी जाने वाली जगहों में तिरुपति में वेंकेटेश्वर भगवान का मंदिर, नागार्जुनसागर में नागार्जुन कोंडा, विशाखापतनम में अराकू घाटी और बोररा गुफाएं, विजयवाड़ा में अमरावती आदि हैं।

अरुणाचल प्रदेश
अरुणाचल प्रदेश को भारत के सबसे आकर्षक राज्य का दर्जा मिला हुआ है और यहां विशाल पर्वत और बर्फ से ढंकी चोटियां हैं। यहां कई जनजातियां और उप जनजातियां हैं। अरुणाचल प्रदेश की ज्यादातर आबादी एशियाई मूल की है। इस राज्य की सबसे अनूठी बात इसका जीववाद में विश्वास है। इस खूबसूरत राज्य में कई लोकप्रिय पर्यटन केंद्र हैं, जैसे सिन्यी बोमडिला, तवांग और ग्याकर।

असम
भारत के पूर्वोत्तर में स्थित असम प्राकृतिक सुंदरता से भरपूर है। असम की आबादी में तिब्बती, आर्य और बर्मन मूल के लोगों का मिश्रण है। असम की जनसंख्या में कई जनजातियां शामिल हैं जो सभी त्यौहार समान उत्साह से मनाती हैं। हालांकि असम का सबसे लोकप्रिय त्यौहार बीहू है। पिछले कुछ सालों में असम एक महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल के तौर पर उभरा है। गांधी मंडप, कामाख्या मंदिर, उमानंदा, नबग्रह, राज्य ज़ू, राज्य संग्रहालय आदि यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। 

बिहार
पूर्वी भारत में स्थित बिहार समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है जो प्राचीन काल तक जाती है। बिहार के लोग जीवंत होते हैं और शांति और सद्भाव से रहते हैं। राज्य में मनाए जाने वाले त्यौहारों में बुद्ध पूर्णिमा, सरस्वती पूजा, ईद-उल-फितर, होली, रथ यात्रा, महाशिवरात्री और महावीर जयंती शामिल हैं।

चंडीगढ़
आजादी के बाद का पहला सुनियोजित शहर चंडीगढ़ एक केंद्र शासित प्रदेश है और पंजाब और हरियाणा इन दो राज्यों की राजधानी है। सरकारी सर्वे के अनुसार यह शहर देश का सबसे साफ सुथरा शहर है। सैलानियों के लिए यहां कई आकर्षण हैं जिनमें बाग खास हैं। चंडीगढ़ के कई आकर्षणों में राॅक गार्डन, रोज़ गार्डन, सुखना झील और लैश्योर वैली आदि हैं। चंडीगढ़ कई प्रसिद्ध हस्तियों का जन्मस्थल रहा है जैसे मिल्खा सिंह, कपिल देव, अभिनव बिंद्रा और किरण खेर आदि।

छत्तीसगढ़
छत्तीसगढ़ मध्य भारत में स्थित राज्य है और बिजली और स्टील के स्रोत के रुप में मशहूर है। यह राज्य समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से भरपूर है और सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। राज्य के झरने, वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय पार्क तथा गुफाएं छत्तीसगढ़ का मुख्य आकर्षण हैं। 

दादरा और नागर हवेली
भारत के पश्चिमी तट के पास स्थित दादरा और नागर हवेली में शर्मीले और साधारण आदिवासी रहते हैं। एक महत्वपूर्ण पर्यटन हब के तौर पर उभरते इस केंद्र शासित प्रदेश में कई पर्यटन स्थल हैं।

दमन और दीव
दमन और दीव भारत का एक केंद्र शासित प्रदेश है और गुजरात के पास अरब सागर में स्थित है। यह विविध संस्कृतियों से भरी जगह है। दमन के लोगों के लिए नृत्य और संगीत रोजमर्रा के जीवन का हिस्सा हैं। यहां कई संस्कृतियां मौजूद हैं, जैसे शहरी यूरोपीय, भारतीय और आदिवासी। इस केंद्र शासित प्रदेश के चर्च और समुद्र तट सबसे बड़ा पर्यटन आकर्षण हैं। 

गोवा
भारत के मालाबार तट पर स्थित गोवा यकीनन भारत का सबसे अच्छा बीच रिसाॅर्ट है। हिंदू और ईसाई के मिश्रण की आबादी वाले गोवा की संस्कृति अपने आप में बहुत अनूठी है। इसे भारत का सबसे हैपनिंग राज्य माना जाता है और यहां बहुत ही सरल और आनंदप्रेमी लोग रहते हैं। इस राज्य का मुख्य आकर्षण यहां के लंबे समुद्र तट हैं। इस राज्य में लोग चर्च, संग्रहालय और समुद्र तटों का सबसे ज्यादा दौरा करते हैं। गोवा की वास्तुकला में भारतीय, पुर्तगाली और इस्लामिक वास्तुकला का मिश्रण है। गोवा की प्रमुख बीचों में कोल्वा, वागातोर, कलानगुत, हरमल, अंजुना, बागा और मीरमार शामिल हैं। 

गुजरात
‘पश्चिम का आभूषण’ के तौर पर मशहूर गुजरात भारत के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह ऐतिहासिक तौर पर सिंधु घाटी सभ्यता का मुख्य केंद्र था। इस राज्य की विविध संस्कृृति का पता इसी से चलता है कि यहां प्रमुख हिंदू त्यौहारों के अलावा अन्य त्यौहार जैसे ईद, महावीर जयंती और क्रिसमस आदि भी उतने ही उत्साह से मनाए जाते हैं। नृत्य और संगीत गुजरातियों के जीवन का अहम हिस्सा है। गरबा और डांडिया इस राज्य के मुख्य नृत्य रुप हैं। लाट टोडी और खंबावती जैसे रागों का जन्म इसी राज्य में हुआ था।

हरियाणा
हरियाणा का गठन पंजाब से अलग करके किया गया और 1 नवंबर 1966 को इसे अलग राज्य का दर्जा दिया गया। भारत के इतिहास में हरियाणा का बहुत अहम योगदान है। इस राज्य में कई ऐसी जगहें हैं जो सिंधु घाटी सभ्यता और वैदिक सभ्यता से संबंधित हैं। भारतीय इतिहास की बड़ी बड़ी लड़ाइयां इस राज्य में लड़ी गई हैं। राज्य के लोगों ने आज भी अपनी पुरानी संस्कृति और सामाजिक रीति रिवाज जिंदा रखे हैं। कई रुचिपूर्ण स्थानों के कारण यह राज्य अब एक टूरिस्ट हब है। हरियाणा में कई राष्ट्रीय स्तर के खिलाडि़यों का जन्म हुआ है, जैसे विजेंदर सिंह बेनीवाल, सुशील कुमार, साइना नेहवाल, अजय जडेजा और अन्य कई। 
हिमाचल प्रदेश
हिमाचल प्रदेश एक लोकप्रिय राज्य है और यह अपनी सुंदरता और भव्यता के लिए जाना जाता है। पहले इसे ‘देवभूमि’ के नाम से जाना जाता था, जिसका अर्थ ‘भगवान की धरती’ होता है। यह एक टूरिस्ट हब है और दुनिया के अलग अलग हिस्सों से यहां पर्यटक आते हैं। इस राज्य का मुख्य आकर्षण एडवेंचर खेल हैं जिनमें पैराग्लाइडिंग, आइस स्केटिंग, राफ्टिंग और अन्य कई शामिल हैं। इसके अलावा देश में कई त्यौहार और मेले मनाए जाते हैं जिनमें से कुछ विशेष तौर पर इस राज्य से ताल्लुक रखते हैं। 

जम्मू और कश्मीर
जम्मू और कश्मीर को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत स्वायत्ता मिली हुई है। इसमें तीन क्षेत्र शामिल हैं - जम्मू, कश्मीर घाटी और लद््दाख। कश्मीर घाटी को धरती का स्वर्ग कहा जाता है और यहां बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। कई हिंदू सैलानी जम्मू और कश्मीर का दौरा करते हैं क्योंकि यहां वैष्णों देवी और अमरनाथ जैसे धार्मिक स्थल हैं। इस क्षेत्र में विभिन्न धर्मों के लोग रहते हैं इसलिए यहां विभिन्न समुदायों के त्यौहार समान उत्साह से मनाए जाते हैं, जैसे ईद, बैसाखी, हेमिस त्यौहार, उर्स, दीपावली और अन्य कई।

झारखंड
झारखंड को ‘वन की भूमि’ भी कहा जाता है और यह माइका, बाॅक्साइट, लौह, कोयला, तांबा आदि खनिजों से समृद्ध है। यह एक आदिवासी बहुल राज्य है और यहां के लोग प्रकृति को जीवन का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा मानते हैं। इस राज्य के लोगों द्वारा मनाए जाने वाले त्यौहारों में तुसु मेला, करम त्यौहार और सोहरानी शामिल हैं। रांची हिल, नेतरहट, सूर्य मंदिर, बैद्यनाथ धाम इस राज्य की कुछ रुचिकर जगहें हैं। 

कर्नाटक
कर्नाटक दक्षिण पश्चिम भारत में स्थित है और अरब सागर और लक्षद्वीप सागर से घिरा है और इसके पश्चिम में कई पड़ोसी राज्य हैं। भाषा और धर्म के आधार पर यहां कई जातियां रहती हैं। प्राचीन मंदिर, आकर्षक पर्वत, आधुनिक बुनियादी सुविधाएं, समुद्र तट और जंगल जैसी कई चीजें कर्नाटक में विस्तृत तौर पर उपलब्ध हैं। इस राज्य में मनाए जाने वाले प्रमुख त्यौहारों में मैसूर दशहरा, मकर संक्राति, बसव जयंती, रमजान और उगाडि शामिल हैं। 

केरल
‘गाॅडस्् ओन कंट्री’ के नाम से मशहूर केरल भारत के दक्षिण पश्चिम में स्थित है। यह मसालों और रबर उत्पादन के लिए जाना जाता है। यह भारत के प्रमुख मछली उत्पादकों में से एक है। इस राज्य की संस्कृति की प्रकृति महानगरीय है और इसकी अपनी विशेष कला, जीवनशैली, वास्तुकला, भाषा और साहित्य है। संगीत और नृत्य इस राज्य का अभिन्न हिस्सा है। नृत्यों की विभिन्न शैलियां जैसे कथकली, कूडियाट््टम, मोहिनीअट््टम और कर्नाटक संगीत केरलियों के बीच बहुत अहम स्थान रखते हैं। सैलानियों के बीच भारत में केरल सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल है। लोग इस राज्य में समुद्र तट, मंदिर, चर्च और वन्यजीव अभयारण्यों का सबसे ज्यादा दौरा करते हैं। 

लक्षद्वीप
लक्षद्वीप, लक्षद्वीप सागर में द्वीपों का एक समूह है और भारत का सबसे छोटा केंद्र शासित प्रदेश है। लक्षद्वीप में कई धर्म और रिवाज़ माने जाते हैं लेकिन यहां की ज्यादातर आबादी इस्लाम धर्म का पालन करती है। यहां कई त्यौहार जैसे ईद-उल-फितर, मिलाद-उन-नबी, मुहर्रम और अन्य मनाए जाते हैं। इस केंद्र शासित प्रदेश के लोग सादा जीवन जीते हैं और एक दूसरे के साथ सदभाव से रहते हैं। इस द्वीपसमूह में सैलानियों के लिए कई वाॅटर स्पोटर््स हैं, जैसे स्नोर्कलिंग और स्कूबा डायविंग। 

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश, मध्य भारत में स्थित है और इसकी भौगोलिक स्थिति के कारण इसे भारत का दिल भी कहा जाता है। इस राज्य में कई जनजातियां, जातियां और जाति समूह हैं और राज्य की ज्यादातर आबादी हिंदू धर्म का पालन करती है। मध्य प्रदेश के लोगों के बीच लोक और शास्त्रीय संगीत बहुत महत्वपूर्ण स्थान रखता है। मैहर घराना, सेनिया घराना और ग्वालियर घराना इस राज्य के कुछ प्रमुख शास्त्रीय संगीत घराने हैं। मध्य प्रदेश में वन्य प्रेमियों के लिए वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय पार्कों के रुप में कई सौगातें हैं। केरेरा वन्यजीव अभयारण्य, बांधवगढ़ राष्ट्रीय पार्क और कान्हा राष्ट्रीय पार्क इस राज्य में सबसे ज्यादा घूमी जाने वाली जगहें हैं।

महाराष्ट्र
देश के पश्चिमी क्षेत्र में स्थित महाराष्ट्र भारत का दूसरा सबसे ज्यादा आबादी वाला राज्य है। ऐतिहासिक तौर पर महाराष्ट्र तीसरी सदी से मौजूद है और आज तक औद्योगिक, व्यवसायिक और व्यापार हब है। इस राज्य में मराठी और हिंदी फिल्म उद्योग मौजूद है जो बड़ी संख्या में लोगों को अपनी ओर आकर्षित करता है। गणेश चतुर्थी का त्यौहार यहां पूरे उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। इस राज्य में मनाए जाने वाले अन्य त्यौहारों में होली, दीपावली, ईद और क्रिसमस हैं। इन धार्मिक त्यौहारों के अलावा यहां अजंता एलोरा फेस्टीवल और एलिफेंटा फेस्टीवल भी लोगों के बीच प्रमुख है। कई रुचिपूर्ण जगह होने के कारण महाराष्ट्र में बड़ी संख्या में सैलानी आते हंै।

मणिपुर
मणिपुर भारत के पूर्वोत्तर भाग मेें स्थित है। कई संस्कृतियों जैसे मीजो, कुकी, नागा के लोग मणिपुर में रहते हैं। मणिपुर के लोगों का स्वभाव बहुत मिलनसार होता है और राज्य की महिलाएं समाज में उंचा दर्जा रखती हैं। राज्य में थियेटर हमेशा से ही लाई हरोबा फेस्टिवल का अहम हिस्सा रहा है। पारंपरिक मणिपुरी नृत्य भगवान कृष्ण और उनकी प्रेयसी राधा की थीम पर आधारित होता है। मणिपुर में सैलानियों को आकर्षित करने के लिए झीलों, द्वीपों, पहाडि़यों, झरनों और गुफाओं जैसा बहुत कुछ है। 

मेघालय
मेघालय नाम का मतलब होता है ‘बादलों का घर’। यह राज्य असम और बांग्लादेश से घिरा है। इस राज्य का करीब 70 प्रतिशत इलाका जंगलों से ढंका है और यहां के जंगलों में बहुत ज्यादा बरसात होती है, जिसकी वजह से बहुत किस्मों के वनस्पति और जीव जंतु होते हैं। मेघालय में तीन प्रमुख जनजातियां हैं - जयंतिया, खासी और गारो। झीलें, पहाडि़यां, झरने, बाग और नदियां मेघालय की सुंदरता को और बढ़ाते हैं। यह सब बड़ी संख्या में सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।

मिज़ोरम
मिज़ोरम को लोकप्रिय तौर पर ‘लैंड आॅफ हाइलैंडर्स’ भी कहा जाता है और यह पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है। इस राज्य की 95 प्रतिशत आबादी विभिन्न आदिवासी समूहों की है। राज्य की ज्यादातर आबादी ईसाई धर्म का पालन करती है। अल्पसंख्यक आबादी में हिंदू, मुस्लिम और बौद्ध शामिल हैं। संगीत और नृत्य इस राज्य के त्यौहारों और उत्सवों का अभिन्न हिस्सा है। यहां के प्रमुख नृत्य रुपों में चेरव, खुल्लम, चाय शामिल हैं और मिज़ोरम के लोग गिटार या ड्रम जैसे संगीत यंत्र बजाते हैं। मिज़ो लोगों को आमतौर पर लोक संगीत बहुत पसंद होता है। 

नागालैंड
नागालैंड भारत के सेवन सिस्टर राज्योें में से एक है। इस राज्य में 16 जनजातियां हैं और हर जनजाति कपड़ों, भाषा और परंपरा के संदर्भ में विशिष्ट है। राज्य का मुख्य धर्म ईसाई धर्म है और राज्य की ज्यादातर आबादी बैपटिस्ट समूह से संबंध रखती है। नागालैंड को त्यौहारों की धरती के तौर पर भी जाना जाता है। इतनी सारी जनजातियों और विभिन्न लोगों के चलते यहां साल भर त्यौहार और उत्सव मनते रहते हैं। अंतर-जनजाति संवाद बढ़ाने के लिए यहां होर्नबिल त्यौहार मनाया जाता है और नागा लोग इसे पूरे उत्साह से मनाते हैं। 

राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (दिल्ली)
भारत की राजधानी दिल्ली को राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के तौर पर भी जाना जाता है। भारतीय इतिहास में दिल्ली कई राजवंशों और शासकों की राजधानी रही है। दिल्ली ना सिर्फ देश की राजनीतिक राजधानी है बल्कि यह भारतीय सरकार की प्रशासनिक इकाई भी है क्योंकि यहां भारतीय संसद और कई मंत्रालय मौजूद हैं। देश के कई हिस्सों से लोगों के आकर बसने के कारण यहां की संस्कृति महानगरीय है। धार्मिक त्यौहारों के अलावा दिल्ली में राष्ट्रीय त्यौहार भी पूरे उत्साह से मनाए जाते हैं। 

ओडिशा
ओडिशा को ‘मंदिरों की धरती’ भी कहा जाता है और यह भारत के पूर्वी तट पर स्थित है। प्राचीन काल में ओडिशा मौर्य शासक अशोक के कलिंग शासन के कारण लोकप्रिय हो गया था। संगीत, नृत्य, शिल्प और ऐतिहासिक स्मारक इस राज्य की समृृद्ध संस्कृति और परंपरा की विशेषताएं हैं। यह हथकरघा वस्त्र और हस्तशिल्प के लिए मशहूर है। पारंपरिक ओडिशी नृत्य भगवान कृष्ण और उनकी प्रेयसी राधा के प्रेम को दिखाता है। ओडिशा के मंदिर भारत भर में मशहूर हैं और एक बार जरुर देखने लायक हैं। हर साल हजारोें भक्त इस राज्य में जगन्नाथ पुरी की रथ यात्रा देखने आते हैं। 

पुडुचेरी
पुडुचेरी को पहले पोंडिचेरी के नाम से जाना जाता था और यह भारतीय और विदेशी लोगों के बीच बहुत मशहूर पर्यटन स्थल है। इसे ‘पूर्व का फ्रेंच रिवेरा’ भी कहा जाता है। इस केंद्र शासित प्रदेश में फ्रांसीसी प्रभाव है क्योंकि यहां लंबे समय तक फ्रांसीसी शासन रहा। फ्रांसीसी बुनियादी ढांचे और फ्रांसीसी काॅलोनियां यहां के प्रमुख आकर्षण हैं। प्राचीन स्मारक, समुद्र तट, बाग और संग्रहालय इस केंद्र शासित प्रदेश की दिलचस्प जगहों में शामिल हैं। 

पंजाब
‘पांच नदियों की भूमि’ पंजाब भारत के उत्तर-पश्चिम हिस्से में स्थित है। पंजाब भारत और पाकिस्तान को सीमांकित करता है। यह राज्य पूरी दुनिया में अपनी समृद्ध और रंगारंग संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है। पंजाबी अपनी जीवंत और समृद्ध जीवनशैली के लिए जाने जाते हैं। इस राज्य के नृत्य, त्यौहार, लोककथाएं और उत्सव पूरी दुनिया में मशहूर हैं। धार्मिक त्यौहारों के अलावा पंजाब में फसलों के त्यौहार जैसे बैसाखी और लोहड़ी भी पूरे उत्साह और जोश से मनाए जाते हैं। इस राज्य का पर्यटन ज्यादातर ऐतिहासिक स्थानों, युद्ध क्षेत्रों और तीर्थ स्थलों के आसपास घूमता है। अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर सबसे ज्यादा दौरा की जाने वाली जगह है और दुनिया भर से सैलानी इसे देखने आते हैं। 

राजस्थान
इलाके के संदर्भ में राजस्थान भारत में सबसे बड़ा है और इसे ‘राजाओं की धरती’ भी कहा जाता है। इसकी सीमाएं कई राज्यों से जुड़ी हैं, जैसे पंजाब, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और हरियाणा। इस राज्य की संस्कृति बहुत समृद्ध और कलात्मक है। इस राज्य के कालबेलिया और घूमर जैसे नृत्य अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचाने जाते हैं। यहां मनाए जाने वाले धार्मिक त्यौहारों में दीपावली, होली, तीज, गणगौर और मकर संक्राति शामिल हैं। राजस्थान की शाही शान और समृद्धि हर साल बड़ी संख्या में सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। इस राज्य के सबसे आकर्षक स्थानों में महल, किले, मंदिर और थार रेगिस्तान शामिल हैं। 
सिक्किम
सिक्किम पूर्वोत्तर भारत का एक राज्य है और देश का सबसे कम आबादी वाला राज्य है। सिक्किम की सीमाएं तीन राज्यों से जुड़ी हैं चीन, भूटान और नेपाल। यहां की संस्कृति में हिंदू और बौद्ध धर्म का मिश्रण है। यहां कई बौद्ध त्यौहार जैसे लूसूंग, सेशी, अबसोल, दसेन आदि राज्य के हर भाग में व्यापक तौर पर मनाए जाते हैं। सिक्किम के लोग उत्सवों में नाच और संगीत का भरपूर मज़ा लेते हैं और उन्हें फुटबाॅल और क्रिकेट भी बहुत पसंद होता है। सैलानियों और प्रकृति प्रेमियों के लिए यह राज्य स्वर्ग है। यहां प्रकृति मां का भरपूर आशीर्वाद है और इस जगह की शांति बड़ी संख्या में सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। राष्ट्रीय पार्क, संग्रहालय, मंदिर और धार्मिक स्थल पर्यटकों के पसंदीदा स्थान हैं।

तमिलनाडु
तमिलनाडु भारत के दक्षिणी छोर के क्षेत्र में स्थित राज्य है और आंध्र प्रदेश, केरल, पुडुचेरी और कर्नाटक जैसे राज्यों से घिरा है। तमिल लोग नृत्य, संगीत और साहित्य के प्रेमी होते हैं। भरतनाट््यम और कर्नाटक संगीत यहां सदियों से रहा है। इस राज्य में मनाए जाने वाले मुख्य त्यौहारों में दीपावली, दशहरा, पोंगल, कार्थिका आदि शामिल हैं। यहां जनवरी के महीने में कर्नाटक संगीत का अनूठा त्यौहार त्यागराज फेस्टिवल मनाया जाता है। तमिलनाडु इस देश के सबसे बड़े पर्यटन उद्योगों में से एक है। यहां के राष्ट्रीय पार्क, मंदिर और धार्मिक स्थल, समुद्र तट, पर्वत और वन्यजीव अभयारण्य सैलानियों के पसंदीदा स्थान हैं।

तेलंगाना
तेलंगाना भारत का 29वां राज्य है जो 2 जून 2014 को अस्तित्व में आया था। इससे पहले यह आंध्र प्रदेश का हिस्सा था और अब इसकी सीमाएं आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ से लगी हैं। इस राज्य की संस्कृति फारसियों, मुगलों और निजाम से प्रेरित है। यहां मनाए जाने वाले कुछ त्यौहारों में दीपावली, गणेश चतुर्थी, ईद-उल-फितर, बकरा ईद शामिल हैं। यहां कुछ त्यौहार हैं जो सिर्फ इस राज्य में मनाए जाते हैं जैसे बटाउकम्मा त्यौहार और लश्कर बोनालू। मंदिर, स्मारक और झरने यहां सबसे बड़ा पर्यटक आकर्षण हैं। 

त्रिपुरा
त्रिपुरा भारत के सेवन सिस्टर राज्योें में से एक है और इसकी सीमाएं बांग्लादेश, मिज़ोरम और असम से जुड़ी हैं। त्रिपुरा शब्द का संस्कृत में मतलब होता है ‘तीन शहर’। इस राज्य में कई जातीय समूह हैं, जैसे त्रिपुरी, गारो, मुंडा, ओरन और अन्य कई। इस राज्य में बांस और बेंत के हस्तशिल्प बहुत लोकप्रिय हैं। संगीत और नृत्य इस राज्य की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा हैं, यहां अलग अलग मौकों के लिए लोगों के पास संगीत और नृत्य होता है। झूम नाच, लेबनाग नाच, ममीता नाच इस राज्य की कुछ लोकप्रिय नृत्य शैलियां हैं। महल, मंदिर और वन्यजीव अभयारण्य यहां का सबसे बड़ा पर्यटक आकर्षण हैं।

उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश का मतलब होता है ‘उत्तरी प्रांत’ और यह भारत के उत्तरी हिस्से में है। यह अपनी सीमाएं दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, उत्तराखंड और अन्य राज्यों से साझा करता है। इस राज्य की संस्कृति की जड़ें कला, साहित्य, इतिहास और परंपरा से जुड़ी हैं। इस राज्य के मुख्य त्यौहार दीपावली, दशहरा, गणेश चतुर्थी, ईद, बुद्ध जयंती और अन्य हैं। इस राज्य में लगने वाले कुंभ मेले में देश भर से बड़ी संख्या में सैलानी आते हैं। आगरा का ताज महल, जो कि विश्व का सातवां अजूबा है, वो दुनिया भर के सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करता है। किले, स्मारक, तीर्थस्थल के रुप में उत्तर प्रदेश के पास सैलानियों के लिए बहुत कुछ है। 

उत्तराखंड
उत्तराखंड को ‘देवभूमि’ भी कहा जाता है यह भारत के उत्तर में स्थित एक राज्य है। इस राज्य का समाज विभिन्न जातीय समूहों का जटिल मिश्रण है जिसमें गढ़वाल और कुमाउ क्षेत्र के लोग हैं। संगीत इस राज्य की संस्कृति का अभिन्न हिस्सा है और यहां के लोग त्यौहारों और उत्सवों में लोक गीत गाते हैं। इस राज्य में मनाए जाने वाले त्यौहारों में घी संक्रांति, खतारआ, नंदा देवी मेला, फूल देई और अन्य कई हैं। सैलानियों के लिए उत्तराखंड में कई स्थान हैं, जैसे हिल स्टेशन, तीर्थस्थल, वन्यजीव अभयारण्य और राष्ट्रीय पार्क।

पश्चिम बंगाल
देश के पूर्वोत्तर में स्थित पश्चिम बंगाल तीन अलग अलग देशों घिरा है - नेपाल, बांग्लादेश और भूटान। यह झारखंड, ओडिशा, सिक्किम, असम और बिहार जैसे राज्यों से भी घिरा है। इस राज्य में कई आदिवासी समुदाय हैं, जैसे भूटिया, लेपचाओ, संतल और ओराओ। गोंभिरा और भवैया इस राज्य की प्रमुख नृत्य शैलियां हंै। दुर्गा पूजा इस राज्य का सबसे लोकप्रिय त्यौहार है और सरस्वती पूजा, लक्ष्मी पूजा, पोइला बैसाखी आदि त्यौहार यहां मनाए जाते हैं। दार्जिलिंग और सिलीगुढ़ी जैसे हिल स्टेशन इस राज्य में कई सैलानियों को आकर्षित करते हैं। बंगाल की कुछ मशहूर जगहों में अयोध्या हिल, कूच बिहार पैलेस, इंडियन बाॅटनिकल गार्डन और सुंदरबन नेशनल पार्क शामिल हैं।

मध्य प्रदेश के ज़िले

मध्य प्रदेश में कुल 52 जिले हैं[1] जिनकी सूची निम्न हैं:-

Wednesday, 10 October 2018

" मध्यप्रदेश गान "

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

विंध्याचल सा भाल नर्मदा का जल जिसके पास है,
यहां ज्ञान विज्ञान कला का लिखा गया इतिहास है।
उर्वर भूमि, सघन वन, रत्न, सम्पदा जहां अशेष है,
स्वर-सौरभ-सुषमा से मंडित मेरा मध्यप्रदेश है।

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

चंबल की कल-कल से गुंजित कथा तान, बलिदान की,
खजुराहो में कथा कला की, चित्रकूट में राम की।
भीमबैठका आदिकला का पत्थर पर अभिषेक है,
अमृत कुंड अमरकंटक में, ऐसा मध्यप्रदेश है।

क्षिप्रा में अमृत घट छलका मिला कृष्ण को ज्ञान यहां,
महाकाल को तिलक लगाने मिला हमें वरदान यहां,
कविता, न्याय, वीरता, गायन, सब कुछ यहां विषेश है,
ह्रदय देश का है यह, मैं इसका, मेरा मध्यप्रदेश है।

सुख का दाता सब का साथी शुभ का यह संदेश है,
माँ की गोद, पिता का आश्रय मेरा मध्यप्रदेश है।

मध्यप्रदेश का इतिहास / M.P.

मध्यप्रदेश का इतिहास


किसी देश या राज्य की भौगोलिक स्थिति, उस स्थान की ऐतिहासिक घटनाओं और आर्थिक विकास को बहुत अधिक प्रभावित करती है। यह अपने नागरिकों और उनके व्यवहार के दृष्टिकोण को भी प्रभावित करती है। भौगोलिक रूप से देश के केंद्रीय स्थान पर स्थित मध्यप्रदेश, वास्तव में भारत के हृदय समान है।.

अपने केंद्रीय स्थान के कारण इस क्षेत्र पर सभी ऐतिहासिक धाराएं, स्वाभाविक रूप से अपने सुस्पष्ट निशान छोड़ गई। प्रागैतिहासिक काल पत्थर युग से शुरू होता है, जिसके गवाह भीमबेटका, आदमगढ, जावरा, रायसेन, पचमढ़ी जैसे स्थान है। हालांकि राजवंशीय इतिहास, महान बौद्ध सम्राट अशोक के समय के साथ शुरू होता है, जिसका मौर्य साम्राज्य मालवा और अवंती में शक्तिशाली था। कहा जाता है कि राजा अशोक की पत्नी विदिशा से थी, जो आज के भोपाल की उत्तर में स्थित एक शहर था। सम्राट अशोक की मृत्यु के बाद मौर्य साम्राज्य का पतन हुआ और ई. पू. तीन से पहली सदी के दौरान मध्य भारत की सत्ता के लिए शुंग, कुशान, सातवाहन और स्थानीय राजवंशों के बीच संघर्ष हुआ। ई. पू. पहली शताब्दी में उज्जैन प्रमुख वाणिज्यिक केंद्र था। गुप्ता साम्राज्य के दौरान चौथी से छठी शताब्दी में यह क्षेत्र उत्तरी भारत का हिस्सा बन गया, जो श्रेष्ठ युग के रूप में जाना जाता है। हूणों के हमले के बाद गुप्त साम्राज्य का पतन हुआ और उसका छोटे राज्यों में विघटन हो गया। हालांकि, मालवा के राजा यशोधर्मन ने ई. सन 528 में हूणों को पराभूत करते हुए उनका विस्तार समाप्त कर दिया। बाद में थानेश्वर के हर्षा ने अपनी मृत्यु से पहले ई.सन 647 तक उत्तरी भारत को फिर से एक कर दिया। मध्ययुगीन राजपूत काल में 950 से 1060 ई.सन के दौरान मालवा के परमरस और बुंदेलखंड के चंदेल जैसे कुलों का इस क्षेत्र पर प्रभुत्व रहा। भोपाल शहर को नाम देनेवाले परमार राजा भोज ने इंदौर और धार पर राज किया। गोंडवना और महाकौशल में गोंड राजसत्ता का उदय हुआ। 13 वीं सदी में, दिल्ली सल्तनत ने उत्तरी मध्यप्रदेश को हासील किया था, जो 14 वीं सदी में ग्वालियर की तोमर और मालवा की मुस्लिम सल्तनत (राजधानी मांडू) जैसे क्षेत्रीय राज्यों के उभरने के बाद ढह गई।
1156-1605 अवधि के दौरान, वर्तमान मध्यप्रदेश का संपूर्ण क्षेत्र मुगल साम्राज्य के तहत आया, जबकि गोंडवाना और महाकौशल, मुगल वर्चस्व वाले गोंड नियंत्रण के तहत बने रहे, लेकिन उन्होने आभासी स्वायत्तता का आनंद लिया। 1707 में औरंगजेब की मृत्यु के बाद मुगल नियंत्रण कमजोर हो गया, जिसके परिणाम स्वरूप मराठों ने विस्तार करना शुरू किया और 1720-1760 के बीच उन्होने मध्यप्रदेश के सबसे अधिक हिस्से पर नियंत्रण स्थापित कर लिया। इंदौर में बसे अधिकतर मालवा पर होलकर ने शासन किया, ग्वालियर पर सिंधिया ने तथा नागपुर द्वारा नियंत्रित महाकौशल, गोंडवाना और महाराष्ट्र में विदर्भ पर भोसले ने शासन किया। इसी समय मुस्लिम राजवंश के अफगान के जनरल दोस्त मोहम्मद खान के वंशज भोपाल के शासक थे। कुछ ही समय में ब्रिटिशो ने बंगाल, बंबई और मद्रास जैसे अपने गढ़ों से अधिराज्य का विस्तार किया। उन्होने 1775-1818 में मराठों को पराजित किया और उनके राज्यों के साथ संधि कर उनपर सर्वोपरिता स्थापित की। मध्यप्रदेश के इंदौर, भोपाल, नागपुर, रीवा जैसे बड़े राज्यों सहित अधिकांश छोटे राज्य ब्रिटिश साम्राज्य के अधीन आ गए। 1853 में ब्रिटिशो ने नागपुर के राज्य पर कब्जा कर लिया, जिसमे दक्षिण-पूर्वी मध्यप्रदेश, पूर्वी महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ शामिल था, जो 1861 में मध्य प्रांत के निर्माण हेतु सौगोर और नेरबुड्डा आतंकीयों के साथ जुडे हुए थे। उत्तरी मध्यप्रदेश के राजसी राज्य सेंट्रल इंडिया एजेंसी द्वारा संचालित किए जाते थे।
1947 में भारत की आजादी के बाद, 26 जनवरी, 1950 के दिन भारतीय गणराज्य के गठन के साथ सैकड़ों रियासतों का संघ में विलय किया गया था। राज्यों के पुनर्गठन के साथ सीमाओं को तर्कसंगत बनाया गया। 1950 में पूर्व ब्रिटिश केंद्रीय प्रांत और बरार, मकाराई के राजसी राज्य और छत्तीसगढ़ मिलाकर मध्यप्रदेश का निर्माण हुआ तथा नागपुर को राजधानी बनाया गया। सेंट्रल इंडिया एजेंसी द्वारा मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल जैसे नए राज्यों का गठन किया गया। राज्यों के पुनर्गठन के परिणाम स्वरूप 1956 में, मध्य भारत, विंध्य प्रदेश और भोपाल राज्यों को मध्यप्रदेश में विलीन कर दिया गया, तत्कालीन सी.पी. और बरार के कुछ जिलों को महाराष्ट्र में स्थानांतरित कर दिया गया तथा राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश में मामूली समायोजन किए गए। फिर भोपाल राज्य की नई राजधानी बन गया। शुरू में राज्य के 43 जिले थे। इसके बाद, वर्ष 1972 में दो बड़े जिलों का बंटवारा किया गया, सीहोर से भोपाल और दुर्ग से राजनांदगांव अलग किया गया। तब जिलों की कुल संख्या 45 हो गई। वर्ष 1998 में, बड़े जिलों से 16 अधिक जिले बनाए गए और जिलों की संख्या 61 बन गई। नवंबर 2000 में, राज्य का दक्षिण-पूर्वी हिस्सा विभाजित कर छत्तीसगढ़ का नया राज्य बना। इस प्रकार, वर्तमान मध्यप्रदेश राज्य अस्तित्व में आया, जो देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है और जो 308 लाख हेक्टेयर भौगोलिक क्षेत्र पर फैला हुआ है|

Friday, 5 October 2018

The city of temples of Ujjain

Mahakaleshwar temple


This temple at the heart of Ujjain, is one of the most sacred temples in India. It is also the best place to begin with exploring this ageless town. The market around the temple is also Ujjain’s commercial nerve center. Regarded as one of the twelve jyotirlingas, Mahakaleshwar is one of the most sacred Shiva temples in India. Not only is the Mahakal Linga the only Dakshinamurti (south facing deity) among 12 jyotirlinga but it is also revered as the only swayambhu or self-actualized linga. 
Bada Ganpati temple
It enshrines a gigantic idol of lord Ganesh. It is said to be made of various peculiar ingredients apart from brick and limestone like jaggery, water and soil.
Harsiddhi temple
This temple occupies a special place in the galaxy of temples in Ujjain. The temple has two unique pine-shaped iron lamp stands that loom to a height of 15 feet. The red temple, an ancient Hindu structure beyond the lamp stands symbolizing the potency of Durga, is peculiar to the Maratha art of architecture. Yet another special feature of Harsiddhi temple is the Sri Yantra, or nine triangles that represent nine names of Durga.
Kaal Bhairav Temple
The temple is dedicated to Kaal Bhairav, located on the banks of Shipra River in Ujjain city. The temple is the most active temples in the city and one of the most unique temple in India. Liquor is offered to the temple deity.The temple comes to life especially on the festival of Mahashivratri, when devotees congregate in vast numbers.
Chintaman Ganesh temple
This is one of the most visited temples in Ujjain. The Ganesh idol enshrined here is supposed to be Swayambhu (born of itself). Worshippers throng to this temple because the deity here is traditionally known as Chintaharan Ganesh meaning the assurer of freedom from worldly anxieties.

Indore- A city that eats well and hosts well!/

Scrumptious is the word delightful to every foodie soul. It’s an expression which brings in mind a great food and truly all the emotions associated with it! Well. you will find the same emotions rushing to the fore when you step into Indore’s market to satisfy your hunger pangs. The street food of Indore, to be specific is extremely popular across and the food culture has a blend of Rajasthani, Gujarati and Maharashtrian influence.  Let us tempt you with a list of best Indore street food for your next visit to the city:
What to eat where in Indore?
Sarafa
Joshiji ka dahiwada Relishing on a dahiwada here is not just about the taste, but it’s also about the experience of watching its preparation by the person at the shop. The one preparing it is surely a performer as he flips the dahiwada with the curd without spilling a drop. After pouring some curd into the bowl, he will sprinkle five spices using just one finger without allowing them to mix together. Of course, you must make it there before 11pm, otherwise there is no way you will get a dahiwada. As the number of people outweigh so are the number of wadas.
Saawariya ki sabudana khichdi Yummy and unique, this shop has its own style of making the sabudana khichdi.
Saawariya ka Bhutte ka keesThis Indori unique concoction is made of corn dana that is boiled, fried in ghee and then mixed with besan, heeng, jeera, dhaniya and their own unique spices.
Vijay ki kachori A must try is Vijay’s special Matar kachoris that, of course, finishes by 10pm. Grab a plate of yours before it ends.
Indori Khopra Patties Satiate your cravings with Indori Khopra patties. Fried to perfection potato patties with a coconut filing and good helping of tangy chutney’s is what these khopra patties are all about. Vijay Chaat House, Chhapan Dukan, New Palasia is a go-to shop where you can enjoy this snack.
Fried Garadu Indore style  This is Indore’s version of the crispy and tangy Aloo ki chaat. A yam-variant, Garadu, is diced, fried to golden brown and then sprinkled with a good helping of the special masala (yes, in Indore there’s a special spice mix for every dish!) and lots of lemon juice – the perfect recipe for yumminess in a platter. Several shops at Sarafa Bazar serve them fresh.
Also, a visit to Sarafa is not complete without having Nagori ki Shikanji, Anna ka paan and your pick of sweets that include the best jalebis, gulaab jamuns, kulfis and rabris.
Please take a note that on just one visit of yours you are sure to put on some extra pounds as whatever comes to your plate is served with lots of love and ghee for sure!
56 shops (chappan dukaan) This unique stretch of 56 shops is famous and is an extremely popular hangout joint in Indore. The city is known for its poha-jalebi combination.  
Indori namkeen Speak of Indore and you do not try out on the famous Namkeens then your visit to the city is incomplete.The city hosts several namkeen chains and countless varieties as the staple is famous Indori khatta Meetha.
Unique about the food culture in Indore
One thing that will impress you during your visit to Indore is that when you ask any one where you get the best Poha or any other snack, people will be more than happy to guide you to other shops, even though they may be selling the same themselves. The food shop owners are extremely welcoming and hospitable and most importantly, very honest. They leave you impressed as no one ever shares a competitor’s name usually.
That’s Indore for you folks. Explore the regions strikingly rich street food culture which guarantees you to give amouthwatering food trek and a stomach full of love!By,Dheeraj Lohar

लोहे के गेट के लिये सम्पर्क करे।

 धीरज लोहार  मोबाइल नम्बर 9770682638 पता आमला रोड, लालुखेड़ी , नलखेड़ा